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भाषण

  प्रश्न: पर्यावरण संरक्षण पर जनसभा को संबोधित करते हुए छात्र प्रतिनिधि के रूप में भाषण दीजिए। उत्तर: आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय/महोदया, सम्माननीय प्राचार्य, आदरणीय शिक्षकगण एवं मेरे प्रिय साथियों, आज इस जनसभा में पर्यावरण संरक्षण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल और हरी-भरी प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन आज बढ़ता प्रदूषण, तेजी से कटते जंगल और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हमारे भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। यदि हम आज प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी क्षमा नहीं करेंगी। एक छात्र के रूप में हम छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं—जैसे पेड़ लगाना, पानी और बिजली की बचत करना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना। पर्यावरण की रक्षा करना केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। जब हर नागरिक इस जिम्मेदारी को समझेगा, तभी हमारा देश वास्तव में सुरक्षित और समृद्ध बन सकेगा। ...
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भाषण

  नशा मुक्ति पर जनसभा को संबोधित करते हुए छात्र प्रतिनिधि के रूप में भाषण दीजिए। उत्तर: आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय/महोदया, सम्माननीय प्राचार्य, आदरणीय शिक्षकगण एवं मेरे प्रिय साथियों, आज इस जनसभा में मैं आप सभी का ध्यान एक गंभीर सामाजिक समस्या— नशा मुक्ति —की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यह शरीर को कमजोर करता है, सोचने-समझने की शक्ति को नष्ट करता है और व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जाता है। आज कई युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य अंधकारमय बना रहे हैं, जो हमारे देश के लिए चिंता का विषय है। एक छात्र के रूप में हमारा दायित्व है कि हम स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों व समाज को इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। खेल, योग, शिक्षा और सकारात्मक सोच नशे से दूर रहने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। यदि युवा पीढ़ी स्वस्थ होगी, तभी देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकेगा। नशामुक्त युवा ही सशक्त भारत की पहचान है। आइए, इस जनसभा के माध्यम से हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम नशे को अपने जीवन और समाज से दूर रखेंगे...

भाषण

 स्वच्छ भारत अभियान पर छात्र प्रतिनिधि के रूप में जनसभा को संबोधित करते हुए भाषण दीजिए। उत्तर: आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय/महोदया, सम्माननीय प्राचार्य, आदरणीय शिक्षकगण एवं मेरे प्रिय साथियों, आज इस जनसभा में स्वच्छ भारत अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुझे अत्यंत गर्व हो रहा है। स्वच्छता केवल बाहरी सुंदरता नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य, सोच और संस्कारों से जुड़ी हुई है। गंदगी अनेक बीमारियों को जन्म देती है, जबकि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन की नींव रखता है। इसी उद्देश्य से हमारे देश में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गई। लेकिन केवल सरकार के प्रयास से देश स्वच्छ नहीं बन सकता। इसके लिए हम सभी नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। एक छात्र के रूप में हम यह योगदान दे सकते हैं कि हम अपने विद्यालय, घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें, कचरा इधर-उधर न फेंकें, प्लास्टिक का सीमित उपयोग करें और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। यदि आज की युवा पीढ़ी स्वच्छता को अपनी आदत बना ले, तो आने वाला भारत न केवल स्वच्छ होगा बल्कि स्वस्थ और सशक्त भी बनेगा। आइए, इस ...

TY BCOM/BSc/BA AEC_ English Proficiency and Life Skills VI 2025-2026

Unit:1 Exploring Career Creative Writing A. Check Your Understanding 1. Creative writing has the potential to improve (a) communicative abilities (b) critical thinking (c) imaginative potential (d) all of the given options ✔️ 2. A writer of graphic novels would be working with the genre of creative writing (a) literary ✔️ (b) technical (c) scientific (d) commercial 3. Which of the following is not a constituent of creative journalistic writing? (a) feature writing (b) reviews (c) columns (d) editing ✔️ 4. Online creative writing does not involve (a) ad writing (b) blogs (c) vlogs (d) newspaper reports ✔️ 5. Great creative writing is the result of careful (a) observation ✔️ (b) discussion (c) speech (d) formatting 6. Good writers are often great readers. This statement is (a) false (b) true ✔️ (c) partially true (d) mostly false 7. Creative writing is (a) a talent (b) a skill (c) both talent and skill ✔️ (d) neither talent nor skill 8. Use of m...

भाषण

 गणतंत्र दिवस के अवसर पर छात्र प्रतिनिधि के रूप में भाषण दें। आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय/महोदया, सम्मानित शिक्षकगण, तथा मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आज का यह पावन दिन हमें याद दिलाता है कि 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य बना। गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों और कर्तव्यों का स्मरण कराने वाला दिन है। हमारे संविधान ने हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। आज हम उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हैं, जिनके त्याग और बलिदान से हमें यह आज़ादी मिली। डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के नेतृत्व में बने संविधान ने देश को एक नई दिशा दी। प्रिय साथियों, एक छात्र के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम अनुशासन, ईमानदारी और देशभक्ति के मूल्यों को अपनाएँ। हमें पढ़-लिखकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए और एक जिम्मेदार नागरिक बनना चाहिए। आइए, इस ग...

संवाद

  यातायात पुलिसकर्मी ने व्यक्ति के हेलमेट नहीं पहने होने के कारण उसको रोका। दोनों के बीच का संवाद   लिखिए | यातायात पुलिसकर्मी: नमस्कार, कृपया अपनी बाइक एक तरफ रोकिए। व्यक्ति: जी साहब, क्या बात है? यातायात पुलिसकर्मी: आप बिना हेलमेट के वाहन चला रहे हैं। यह यातायात नियमों का उल्लंघन है। व्यक्ति: माफ़ कीजिए साहब, घर पास ही था, इसलिए हेलमेट नहीं पहना। यातायात पुलिसकर्मी: दूरी चाहे कितनी भी हो, हेलमेट पहनना अनिवार्य है। यह आपकी सुरक्षा के लिए है। व्यक्ति: जी, अब समझ गया हूँ। आगे से कभी बिना हेलमेट नहीं चलाऊँगा। यातायात पुलिसकर्मी: ठीक है, लेकिन नियम तोड़ने पर चालान करना पड़ेगा। व्यक्ति: जी साहब, कृपया इस बार माफ़ कर दीजिए। यातायात पुलिसकर्मी: ठीक है, इस बार चेतावनी देकर छोड़ रहा हूँ, लेकिन आगे से नियमों का पालन ज़रूर करें। व्यक्ति: धन्यवाद साहब, मैं अवश्य नियमों का पालन करूँगा। यातायात पुलिसकर्मी: सुरक्षित चलिए और हेलमेट हमेशा पहनिए। व्यक्ति: जी साहब, धन्यवाद।

पत्र

 राष्ट्रीय त्योहारों के जश्न के संदर्भ में पत्र लिखिए | सेवा में, प्रधानाचार्य महोदय/महोदया, ________ विद्यालय/महाविद्यालय, ________ (स्थान) विषय: राष्ट्रीय त्योहारों के आयोजन एवं उत्सव के संबंध में। महोदय/महोदया, सविनय निवेदन है कि हमारे देश के राष्ट्रीय त्योहार जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस एवं गांधी जयंती हमें देशभक्ति, एकता और अनुशासन का संदेश देते हैं। इन त्योहारों का उत्साहपूर्वक आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करता है। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि विद्यालय/महाविद्यालय में राष्ट्रीय त्योहारों के अवसर पर ध्वजारोहण, देशभक्ति गीत, भाषण, नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को हमारे देश के इतिहास और मूल्यों की सही जानकारी प्राप्त हो सके। इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होगा तथा उनमें जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होगी। आशा है आप मेरे इस अनुरोध पर सकारात्मक विचार करेंगे। धन्यवाद। भवदीय, (नाम) कक्षा/पद: ________ दिनांक: ________