औपचारिक और अनौपचारिक पत्रों के उदाहरण (Examples of Formal and Informal Letters)
औपचारिक शिकायती पत्र
1. बिजली की समस्या के संबंध में शिकायती-पत्र
सेवा में,
कार्यपालक अभियंता
झारखंड विद्युत बोर्ड, सरोजनी नगर
राँची
विषयः अत्यधिक राशि के बिलों के संदर्भ में
महोदय,
मैं गत चार वर्षों से सरोजनी नगर में रह रहा हूं। मैं नियमित रूप से बिजली के बिल का भुगतान भी करता हूं। भुगतान किए गए सभी बिल मेरे पास सुरक्षित हैं। औसतन मेरे घर का बिल 800 रू. प्रति मास आता है। इस बार यह बिल 2200 रूपए का आ गया है। इसे देखकर मैं अत्यधिक परेशान हूं। मेरे घर में बिजली की खपत के किसी भी बिंदु पर कोई बढ़तरी नहीं हुई है। महोदय मुझे पर पिछली अवधि का कोई भुगतान भी शेष नहीं है। बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। अतः अतने अधिक बिल का कोई कारण मेरी समझ में नहीं आ रहा है।
मैं उल्लेख करना चाहूंगा कि प्राप्त बिल पर 'प्रोविजनल बिल' लिखा हुआ है। बिना मीटर-रीडिंग के भेजे गए इस अत्यधिक राशि के बिल का भुगतान मेरे लिए संभव नहीं है। कृपया संशोधित बिल भेजें ताकि मैं समय पर भुगतान कर सकूं।
आशा है आप मेरे अनुरोध पर शीघ्र विचार करेंगे।
धन्यवाद सहित,
भवदीय
(हस्ताक्षर.........................)
अमन वर्मा
16-डी, सरोजनी नगर, रांची
दिनांक 7 फरवरी, 2006
2. टेलीफोन का कनेक्शन कटने संबंधी पत्र
सेवा में,
प्रबंधक,
महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड
जनकपुरी, नई दिल्ली-110058
विषय: टेलीफोन कनेक्श्न कटने के संदर्भ में
महोदय,
मेरा टेलीफोन नंबर 25523540 विगत दस दिनों से काम नहीं कर रहा है। पता करने पर बताया गया है कि यह कनेक्शन काट दिया गया है। इस मास मेरे पास टेलीफोन बिल नहीं आया था। अतः मैं बिल समय पर जमा नहीं करा पाया। बाद में मैंने डुप्लीकेट बिल बनवाकर जमा भी कर दिया। इसके बावजूद मेरा टेलीफोन कनेक्शन काट दिया गया है। मैं इस प्रार्थनापत्र के साथ जमा किए गए बिल की फोटो प्रति संलगन कर रहा हूँ। अतः आपसे अनुरोध है कि मेरा टेलीफोन तत्काल चालू करवाने की व्यवस्था करवाएँ। घर में पिताजी अस्वस्थ रहते हैं। अतः डॉक्टर से संपर्क बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
आशा है आप इस काम को करवाने में रूचि लेंगे।
भवदीय
हस्ताक्षर..................
(एस. रघुरामन)
C-5/70, जनक पुरी
नई दिल्ली-110058
दिनांक 25 सितंबर, 2016
संलग्न: जमा किए गए बिल की फोटो प्रति
अनौपचारिक पत्र
1. माताजी को पत्र
950, सेक्टर-38, बोकारो
10 अक्टूबर, 2006
परमपूज्य माताजी,
चरण-वंदना।
कल आपका पत्र मिला, पढ़कर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि घर में सब सकुशल हैं। आपने पत्र में मुझे लिखा है कि मैं पढ़ाई के अतिरिक्त अन्य क्रिया-कलापों में भी भाग लूं, क्योंकि आज के परिवेश में अतिरिक्त क्रिया-कलापों का महत्वपूर्ण स्थान है। मैंने आपके निर्देशानुसार अपने विधालय की वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा संगीत कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए नामांकन करवा दिया है तथा तैयारी भी आरंभ कर दी है। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि विद्यालय की हॉकी टीम में भी मेरा चयन हो गया है। सहपाठियों के साथ मेरा अच्छा संपर्क स्थापित हो गया है। मेरी पढ़ाई भी ठीक प्रकार से चल रही है। स्वाति और दिव्या को मेरा बहुत-बहुत प्यार तथा पिताजी को सादर प्रणाम।
आपका प्रिय पुत्र
राहुल
2. छोटे भाई को पत्र
12/15, शास्त्री नगर, धनबाद
15 नवंबर, 2017
प्रिय धवल,
शुभाशीष।
तुम्हारे विद्यालय की ओर से प्रथम अवधि परीक्षा की अंक-तालिका आज ही मिली है। इसे पढ़कर अच्छा नहीं लगा, क्योंकि दो विषयों में तुम्हारे अंक संतोषजनक नहीं हैं। मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि तुम नियमित रूप से पढ़ाई नहीं कर रहे हो। तुम्हें यह बात तो ज्ञात ही है कि पिताजी का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है, फिर भी वे किसी-न-किसी तरह तुम्हें पढ़ाई का खर्चा नियमित भिजवा रहे हैं।
तुम्हारा भी कर्तव्य हो जाता है कि तुम मन लगाकर पढ़ाई करो। हमें तुम्हारी क्षमता पर पूरा विश्वास है। ऐसा लगता है कि तुम समय को ठीक प्रकार से नियोजित नहीं कर पा रहे हो।
स्मरण रखो, कठोर परिश्रम ही सफलता का मूलमंत्र है। समय का नियोजन इस प्रकार करो कि पढ़ाई के लिए भी समय रहे और अन्य गतिविधियों के लिए भी। बीता समय कभी लौटकर नहीं आता।
तुम स्वयं समझदार हो। हमें विश्वास है कि तुम भविष्य में शिकायत का अवसर नहीं दोगे।
शुभकामनाओं के साथ,
तुम्हारा शुभेच्छु
मनोज कुमार
प्रभावशाली पत्र कैसे लिखें (Effective Letter Writing)
सेवा में,
प्रबंधक,
महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड
जनकपुरी, नई दिल्ली-110058
विषय: टेलीफोन कनेक्श्न कटने के संदर्भ में
महोदय,
मेरा टेलीफोन नंबर 25523540 विगत दस दिनों से काम नहीं कर रहा है। पता करने पर बताया गया है कि यह कनेक्शन काट दिया गया है। इस मास मेरे पास टेलीफोन बिल नहीं आया था। अतः मैं बिल समय पर जमा नहीं करा पाया। बाद में मैंने डुप्लीकेट बिल बनवाकर जमा भी कर दिया। इसके बावजूद मेरा टेलीफोन कनेक्शन काट दिया गया है। मैं इस प्रार्थनापत्र के साथ जमा किए गए बिल की फोटो प्रति संलगन कर रहा हूँ। अतः आपसे अनुरोध है कि मेरा टेलीफोन तत्काल चालू करवाने की व्यवस्था करवाएँ। घर में पिताजी अस्वस्थ रहते हैं। अतः डॉक्टर से संपर्क बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
आशा है आप इस काम को करवाने में रूचि लेंगे।
भवदीय
हस्ताक्षर..................
(एस. रघुरामन)
C-5/70, जनक पुरी
नई दिल्ली-110058
दिनांक 25 सितंबर, 2016
संलग्न: जमा किए गए बिल की फोटो प्रति
अनौपचारिक पत्र
1. माताजी को पत्र
950, सेक्टर-38, बोकारो
10 अक्टूबर, 2006
परमपूज्य माताजी,
चरण-वंदना।
कल आपका पत्र मिला, पढ़कर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि घर में सब सकुशल हैं। आपने पत्र में मुझे लिखा है कि मैं पढ़ाई के अतिरिक्त अन्य क्रिया-कलापों में भी भाग लूं, क्योंकि आज के परिवेश में अतिरिक्त क्रिया-कलापों का महत्वपूर्ण स्थान है। मैंने आपके निर्देशानुसार अपने विधालय की वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा संगीत कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए नामांकन करवा दिया है तथा तैयारी भी आरंभ कर दी है। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि विद्यालय की हॉकी टीम में भी मेरा चयन हो गया है। सहपाठियों के साथ मेरा अच्छा संपर्क स्थापित हो गया है। मेरी पढ़ाई भी ठीक प्रकार से चल रही है। स्वाति और दिव्या को मेरा बहुत-बहुत प्यार तथा पिताजी को सादर प्रणाम।
आपका प्रिय पुत्र
राहुल
2. छोटे भाई को पत्र
12/15, शास्त्री नगर, धनबाद
15 नवंबर, 2017
प्रिय धवल,
शुभाशीष।
तुम्हारे विद्यालय की ओर से प्रथम अवधि परीक्षा की अंक-तालिका आज ही मिली है। इसे पढ़कर अच्छा नहीं लगा, क्योंकि दो विषयों में तुम्हारे अंक संतोषजनक नहीं हैं। मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि तुम नियमित रूप से पढ़ाई नहीं कर रहे हो। तुम्हें यह बात तो ज्ञात ही है कि पिताजी का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है, फिर भी वे किसी-न-किसी तरह तुम्हें पढ़ाई का खर्चा नियमित भिजवा रहे हैं।
तुम्हारा भी कर्तव्य हो जाता है कि तुम मन लगाकर पढ़ाई करो। हमें तुम्हारी क्षमता पर पूरा विश्वास है। ऐसा लगता है कि तुम समय को ठीक प्रकार से नियोजित नहीं कर पा रहे हो।
स्मरण रखो, कठोर परिश्रम ही सफलता का मूलमंत्र है। समय का नियोजन इस प्रकार करो कि पढ़ाई के लिए भी समय रहे और अन्य गतिविधियों के लिए भी। बीता समय कभी लौटकर नहीं आता।
तुम स्वयं समझदार हो। हमें विश्वास है कि तुम भविष्य में शिकायत का अवसर नहीं दोगे।
शुभकामनाओं के साथ,
तुम्हारा शुभेच्छु
मनोज कुमार
प्रभावशाली पत्र कैसे लिखें (Effective Letter Writing)
- पत्र का लेख, सुंदर शुद्ध एवं सुवाच्य हो।
- पत्र की भाषा सरल, वाक्य छोटे एवं असंदिग्ध हों।
- पत्र के विषय को अलग-अलग अनुच्छेद में लिख सकते हैं।
- विषय की पुनरावृत्ति कभी न करें।
- औपचारिकता को अधिक विस्तार न दें।
- आवश्यक बातों को प्राथमिकता देकर पहले लिखें।
- पत्र में कभी कठिन भाषा एवं अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- यदि कोई आवश्यक, महत्वपूर्ण बात लिखने से छूट जाए तो अंत में बाई ओर - 'पुनश्च' शब्द लिखकर वही बात लिख देनी चाहिए।
Comments