**Evaluator:** आज हमारी चर्चा का विषय है "तकनीक - एक शस्त्र या एक अभिशाप?" पहले हम सुनें कि आपका दृष्टिकोण क्या है इस मुद्दे पर?
**Participant 1:** नमस्ते, मेरा नाम आरव है। मुझे लगता है कि तकनीक हमारे जीवन को सरल और अधिक सुगम बना रही है। यह एक शस्त्र नहीं, बल्कि एक सशक्त साथी है।
**Participant 2:** मैं साधना हूँ और मुझे यह विचार करने का अवसर मिला है कि तकनीक ने हमें आधुनिकता की दिशा में बढ़ावा दिया है, लेकिन इसका उपयोग असंतुलित रूप से हो रहा है।
**Participant 3:** मेरा नाम अनिकेत है, और मैं इस बात से सहमत हूँ कि तकनीक ने हमें बहुत से सुख-सुविधाएं दी हैं, परंतु इसने समाज में अलगाव को भी बढ़ावा दिया है।
**Participant 4:** नमस्ते, मेरा नाम सुरज है। मेरा मानना है कि तकनीक हमें अधिक जिम्मेदार बनाती है और यह एक अभिशाप भी हो सकता है जब इसका गलत उपयोग होता है।
**Participant 5:** मैं रिया हूँ, और मेरी राय है कि तकनीक हमारे समाज को बेहतर बना सकती है, लेकिन इसके नेगेटिव पहलुओं का सामना भी करना होगा।
**Evaluator:** धन्यवाद सभी को, आपने विविधता से इस मुद्दे को देखने का प्रयास किया है। अब हम विचार करते हैं कि हमें तकनीक का सही तरीके से उपयोग कैसे करना चाहिए ताकि यह हमारे लिए एक सहारा बने, न कि अभिशाप।
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