नशा मुक्ति पर जनसभा को संबोधित करते हुए छात्र प्रतिनिधि के रूप में भाषण दीजिए।
उत्तर:
आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय/महोदया,
सम्माननीय प्राचार्य, आदरणीय शिक्षकगण
एवं मेरे प्रिय साथियों,
आज इस जनसभा में मैं आप सभी का ध्यान एक गंभीर सामाजिक समस्या—नशा मुक्ति—की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यह शरीर को कमजोर करता है, सोचने-समझने की शक्ति को नष्ट करता है और व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जाता है। आज कई युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य अंधकारमय बना रहे हैं, जो हमारे देश के लिए चिंता का विषय है।
एक छात्र के रूप में हमारा दायित्व है कि हम स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों व समाज को इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। खेल, योग, शिक्षा और सकारात्मक सोच नशे से दूर रहने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
यदि युवा पीढ़ी स्वस्थ होगी, तभी देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकेगा। नशामुक्त युवा ही सशक्त भारत की पहचान है।
आइए, इस जनसभा के माध्यम से हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम नशे को अपने जीवन और समाज से दूर रखेंगे और एक स्वस्थ, उज्ज्वल भारत का निर्माण करेंगे।
धन्यवाद।
जय हिंद!
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